सतना नगर निगम में आरटीआई से मस्टरकर्मियों की तैनाती को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। सफाईकर्मी दूसरी शाखाओं और कार्यालयों में काम कर रहे हैं। वेतन पर सालाना 17.58 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल के मर्चुरी मार्ग पर खुले में बायोमेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है। जहां मरीजों और मृतकों के परिजन गुजरते हैं, वहां गंदगी और बदबू से हाल बेहाल है। स्वच्छता के नाम पर ठेका व्यवस्था की पोल खोलती यह तस्वीर प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है।
सतना नगर निगम हर माह सफाई कर्मियों के वेतन पर ₹1.63 करोड़ खर्च कर रहा है, फिर भी शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। नालियों की सफाई नहीं, नियमित कचरा कलेक्शन नहीं, पार्षदों की शिकायतें अनसुनी। जानिए पूरी रिपोर्ट।
















